
श्रावण मास के चौथे सोमवार के पावन पर्व पर उदयपुर शहर पूरी तरह से शिवमय नजर आया। रानी रोड स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का दौर जारी रहा। इसके बाद भव्य पालकी में विराजित कर भगवान महाकाल की शाही सवारी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। सवारी के दौरान बाबा महाकाल के स्वरूप का बहुत ही आकर्षक और मनमोहक श्रृंगार किया गया था। पालकी को रंग-बिरंगे और खुशबूदार फूलों से सजाया गया। यात्रा के आगे-आगे पारंपरिक वेशभूषा में चंवर डुलाते भक्त, ढोल-नगाड़े और ताशे बजाते कलाकार चल रहे थे। वहीं उनके पीछे भारी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए झूमते-गाते आगे बढ़ रहे थे। सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से पुलिस प्रशासन की ओर से भी कड़े इंतजाम किए गए थे। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। जैसे-जैसे सवारी शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, रास्ते में खड़े श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।