
उदयपुर के स्टेशन कब्रिस्तान में शुक्रवार रात ईशा की नमाज के बाद हजरत कंबल मस्तान सरकार को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और हर आंख नम दिखाई दी। उनके इंतकाल की खबर से उदयपुर शहर सहित पूरे मेवाड़ क्षेत्र में गम का माहौल छा गया। हजरत कंबल मस्तान सरकार को आखिरी विदाई देने के लिए देर रात तक लोगों का पहुंचना जारी रहा। जनाजे की नमाज में समाज के हर वर्ग और हर धर्म के लोग शामिल हुए। अकीदतमंदों ने उन्हें एक ऐसी रूहानी शख्सियत बताया, जिन्होंने पूरी जिंदगी इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम दिया। हजरत कंबल मस्तान सरकार अपनी सादगी भरी जिंदगी और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए विशेष पहचान रखते थे। लोगों का कहना है कि उन्होंने हमेशा अमन और इंसानियत का संदेश दिया और हर किसी को नेक रास्ते पर चलने की सीख दी। यही वजह रही कि उनके चाहने वालों की संख्या हर समाज और समुदाय में रही। उनके इंतकाल पर सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। अकीदतमंदों का कहना है कि हजरत कंबल मस्तान सरकार ने लोगों के दिलों में जो जगह बनाई, वह हमेशा कायम रहेगी। उनके निधन से उदयपुर ने एक ऐसी रूहानी शख्सियत को खो दिया, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

15 May 2026