
ठगी और लूट का यह खेल सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुआ। उदयपुर के मानक चौक निवासी 29 वर्षीय विष्णु पटेल, जो इवेंट मैनेजमेंट का काम करते हैं, उनकी मुलाकात सोशल मिडिया के जरिये डॉली नाम की युवती से हुई। दोस्ती के जाल में फंसाकर डॉली ने विष्णु को मिलने के बहाने बुलाया। जैसे ही विष्णु वहां पहुँचा, पहले से घात लगाकर बैठे हिमांशु मेहता गोडाजी और उसके करीब 8-10 साथियों ने उसे घेर लिया। इन बदमाशों के पास लाठी और धारदार हथियार मौजूद थे। बदमाशों ने विष्णु को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और रातभर उसे शहर के अलग-अलग इलाकों में घुमाते रहे। इस दौरान विष्णु के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर उसका मोबाइल छीन लिया गया। बदमाशों ने विष्णु के गले से सोने की चेन, हाथ से अंगूठी और जेब में रखे 11 हजार रुपए लूट लिए। यहीं नहीं, आरोपियों ने उसकी रिहाई के बदले 5 लाख रुपए की मांग की। दहशत में आए विष्णु ने जैसे-तैसे 50 हजार रुपए की व्यवस्था की, जिसके बाद बदमाश उसे गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में ऑडी शोरूम के बाहर पटककर फरार हो गए। जाते समय विष्णु ने कार का नंबर नोट कर लिया। इसी एक सुराग के आधार पर सुखेर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी युवती डॉली और उसके साथी को दबोच लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई चेन, अंगूठी और नकदी बरामद कर ली है। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह इसी तरह सोशल मीडिया के जरिए संपन्न युवकों को जाल में फंसाता था और फिर हथियारों के दम पर उनसे मोटी रकम वसूलता था। पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
01 May 2026