
उदयपुर के डबोक थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-27 पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने मेवाड़ की सांस्कृतिक दुनिया को बड़ा झटका दिया है। इस हादसे में प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी की मौत हो गई, जबकि कार चालक राजेन्द्र सोनेरी गंभीर रूप से घायल हो गया। डबोक थानाधिकारी गोपाल नाथ के ने बताया कि हादसा दरोली गांव और एयरपोर्ट के बीच सुबह करीब 5 बजे हुआ। धनराज जोशी बीती रात हल्दीघाटी क्षेत्र के सैमन गांव में आयोजित भजन संध्या में शामिल होकर चित्तौड़गढ़ के बड़वाई स्थित अपने निवास लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार अचानक डिवाइडर पर चढ़ गई और अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने धनराज जोशी को मृत घोषित कर दिया, जबकि ड्राइवर का इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम से लौटते समय कार में उनका बेटा और अन्य साथी भी मौजूद थे, लेकिन वे किसी काम से उदयपुर में ही उतर गए थे, जिससे वे इस हादसे से सुरक्षित बच गए। पुलिस ने शव को डबोक हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। भावुक करने वाली बात यह है कि अपनी आखिरी भजन संध्या में धनराज जोशी ने कहा था कि“चलते रहेंगे काफिले हमारे बग़ैर भी… एक तारा टूट जाने से आसमान सूना नहीं होता… मैं चला जाऊँगा तो दूसरे धनराज जोशी पैदा हो जाएंगे।” उनके ये शब्द अब सच्चाई बनकर लोगों को भावुक कर रहे हैं। इस घटना के बाद से मेवाड़ और मारवाड़ में शोक की लहर है और उनके भजन हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे। आपको बता दे कि धनराज जोशी अपने भजनों और खास कॉमेडी अंदाज के लिए बेहद लोकप्रिय थे। उनकी असमय मौत से उनके चाहने वालों में गहरा शोक व्याप्त है।