
ग्राम पंचायत वाटी के वार्ड पंचों ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि पंचायत में लंबे समय से अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है। उनका कहना है कि महिला सरपंच की जगह सरपंच पति पूरे पंचायत कार्यों का संचालन कर रहे हैं और आम लोगों के छोटे-छोटे काम भी बिना पैसे लिए नहीं किए जाते। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नल कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, मुफ्त राशन, एपीओ, पट्टा और अन्य सरकारी कार्यों के बदले लोगों से रुपए मांगे जाते हैं। जो व्यक्ति पैसे नहीं देता, उसे बार-बार पंचायत के चक्कर लगवाए जाते हैं। पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि गांवों में नियमित सफाई नहीं हो रही है और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही वार्ड पंचों के प्रस्तावों की अनदेखी की जाती है और लंबे समय तक बैठकें भी आयोजित नहीं की जातीं। वार्ड पंच वंदना सालवी ने आरोप लगाया कि सरपंच पति मनमानी करते हैं और निर्वाचित पंचों की बातों को नजरअंदाज किया जाता है। वहीं वार्ड पंच सीताराम ने आरोप लगाया कि म्यूटेशन के मामलों में भी गंभीर गड़बड़ियां की गई हैं और शिकायत के बावजूद जांच लंबित है। उन्होंने कहा कि पंचायत में जनप्रतिनिधियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। वार्ड पंच मोहन सिंह ने भी आरोप लगाया कि जमीन और म्यूटेशन के मामलों में पक्षपात किया जा रहा है और पंचायत सचिव भी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्ड पंचों ने कलेक्टर से ग्राम पंचायत की संपूर्ण जांच और ऑडिट कराने, सरपंच और सरपंच पति के खिलाफ कार्रवाई करने और दोषी पाए जाने पर सरपंच को पद से हटाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
30 Jun 2026