
खेरवाड़ा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले बावलवाड़ा उप तहसील क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर लाडदेश पट्टा संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी और क्षेत्रवासी बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्र की 14 सूत्रीय मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।मोर्चा ने ज्ञापन में बताया कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। कई स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त कक्ष नहीं हैं और शौचालय, पेयजल एवं खेल मैदान जैसी आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव है। ग्राम पंचायत ढीकवास के भलाई और मगरा सहित कई विद्यालयों में कक्ष-कक्ष और शिक्षकों की समस्या गंभीर बनी हुई है। कई जर्जर विद्यालयों की मरम्मत नहीं कराई गई है, जबकि कुछ स्कूलों का संचालन निजी मकानों में किया जा रहा है।ज्ञापन में बरसात के दौरान सड़क और पुलिया क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूटने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विशेष रूप से सुकड़ी नदी पर बने रपट पुल की वर्षों से मरम्मत नहीं होने का उल्लेख करते हुए क्षेत्रवासियों ने कहा कि इससे आमजन, विद्यार्थी, कर्मचारी और मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को क्षेत्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति देखने का निमंत्रण भी दिया। प्रतिनिधियों का कहना है कि जिला कलेक्टर ने क्षेत्र का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया है। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विकास के मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। साथ ही आगामी पंचायती राज चुनाव में भी क्षेत्र की जनता अपनी रणनीति तय करेगी।
05 Aug 2026