
उदयपुर के बड़गांव उपखंड अंतर्गत राजस्व गांव डुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा के ग्रामीणों में पंचायती राज पुनर्गठन को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने उदयपुर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा को मिलाकर नवीन ग्राम पंचायत बनाने की मांग की थी। प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों और आपत्तियों के बावजूद जब नई पंचायत का गठन नहीं हुआ, तो करीब 200 से अधिक ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में उनकी ग्राम पंचायत कड़िया मुख्यालय यहां से 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित है। क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को पंचायत से जुड़े कार्यों और मतदान के लिए 8 से 10 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ती है। इस क्षेत्र में लगभग 70 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति समुदाय की है, जो आर्थिक और भौगोलिक विषमताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाती है। ग्रामीणों का तर्क है कि पड़ोस की गोगुंदा पंचायत समिति में महज 1,153 मतदाताओं पर 'विजय बावड़ी' को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है, जबकि उनके क्षेत्र में 1,206 से अधिक मतदाता मौजूद हैं। सभी मापदंड पूरे होने के बावजूद उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने अब चुनावों में शत-प्रतिशत मतदान बहिष्कार का कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।
09 Oct 2026