
करीब तीन हजार वर्गमीटर भूमि पर बन रहे भाजपा जिला कार्यालय को लेकर पश्चिम मध्य रेलवे ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता की ओर से 16 जून को जारी पत्र में कहा गया है कि संबंधित भूमि वर्ष 2008 में तत्कालीन यूआईटी को केवल सड़क निर्माण के उद्देश्य से 35 वर्ष की लीज पर दी गई थी। लीज की शर्तों के अनुसार इस जमीन का किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता, जबकि यहां भाजपा जिला कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है।रेलवे ने कोटा डेवलपमेंट अथॉरिटी को निर्माण कार्य रोकने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो रेलवे स्वयं अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।वहीं भाजपा और राज्य सरकार का कहना है कि केडीए के रिकॉर्ड के अनुसार यह भूखंड विधिवत भाजपा को आवंटित किया गया है और निर्माण पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा है। विवाद की एक बड़ी वजह भूमि रिकॉर्ड में अंतर भी है। रेलवे ने अपने वर्ष 1965 के लैंड प्लान का हवाला देते हुए संबंधित भूमि को अपनी संपत्ति बताया है, जबकि संयुक्त सर्वे के दौरान राजस्व विभाग ने वर्ष 1982 के रिकॉर्ड के आधार पर मौके पर रेलवे भूमि की चौड़ाई अलग दर्ज की। इसी अंतर के चलते मामला और उलझ गया है।गौरतलब है कि वर्ष 2016 में भाजपा सरकार के दौरान भूखंड का आवंटन हुआ, वर्ष 2020 में कांग्रेस सरकार के समय इसे निरस्त किया गया और वर्ष 2025 में भाजपा सरकार बनने के बाद आवंटन दोबारा बहाल कर दिया गया। अब रेलवे की आपत्ति के बाद इस पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

15 Jul 2026