
उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड के करनपुर गांव में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की आशंका ने इलाके में सनसनी फैला दी। ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार देर रात करीब 12 बजे गांव के आसपास अचानक गोली चलने जैसी तेज आवाज सुनाई दी। रात के सन्नाटे में आवाज सुनते ही ग्रामीण सतर्क हो गए और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीण कमलेश शर्मा, दुर्गेश उपाध्याय, भगवती लाल पाटीदार, गोपाल पाटीदार और प्रहलाद पाटीदार सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि संभवतः शिकारियों को लोगों के आने की भनक लग गई, जिसके बाद वे अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। जब ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो पेड़ के नीचे एक मृत मोर पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई गई कि मोर का शिकार कुछ ही समय पहले किया गया था। इसके बाद ग्रामीणों ने मृत मोर को अपने कब्जे में लेकर वन विभाग को सूचना दी। बुधवार को वन विभाग की मौजूदगी में वल्लभनगर पशु चिकित्सालय में राष्ट्रीय पक्षी मोर का पोस्टमार्टम करवाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यालय परिसर में ही मोर का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पशु चिकित्सालय के उपनिदेशक डॉ. लजाराम मीणा, पशु चिकित्सक डॉ. कवि प्रिया, डॉ. अल्ताफ, पटवारी कमलेश, वन विभाग कर्मचारी नरेश पटेल और हेड कांस्टेबल भंवर खटीक मौजूद रहे। वल्लभनगर थानाधिकारी पूनाराम ने बताया कि ग्रामीण कमलेश शर्मा की रिपोर्ट पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मोर की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
21 May 2026