
जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से उदयपुर के कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव सभागार में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में कृषि और जल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, जल संरक्षण के महत्व तथा उन्नत सिंचाई तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि सीमित जल संसाधनों के बीच आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाकर खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार नई तकनीकों तथा जल संरक्षण आधारित खेती से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। किसानों के अनुभवों ने अन्य कृषकों को भी नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला की शुरुआत में संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सुधीर वर्मा ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के उद्देश्यों और इसकी आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर भू-जल विभाग, जलग्रहण विकास विभाग, लीड बैंक और नाबार्ड के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और कृषि विकास से जुड़ी कई योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आय और उत्पादन क्षमता दोनों में वृद्धि कर सकते हैं। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया।