
फलासिया थाना क्षेत्र के कोल्यारी कस्बे में हुई 55 लाख की संपत्ति से जुड़ी चोरी की वारदात का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। फलासिया थाना पुलिस ने लगातार 13 दिनों तक चली जांच के बाद मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश अभी जारी है। यह वारदात 17 मई की रात कोल्यारी रावला में हुई थी। पीड़ित 67 वर्षीय शेरसिंह शक्तावत और उनकी पत्नी उस समय उदयपुर गए हुए थे। घर में उनका बेटा हेमेंद्र सिंह शक्तावत और बहू मौजूद थे, जो एक कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान चोर घर के पिछले हिस्से से अंदर घुसे और तीन कमरों के ताले तोड़ दिए। आरोपियों ने अलमारी के लॉकर को निशाना बनाते हुए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी सहित करीब 55 लाख रुपए का माल चोरी कर लिया और मौके से फरार हो गए। सुबह घटना का पता चलते ही परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और डीएसपी विवेक सिंह के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई। फलासिया थानाधिकारी सीताराम के नेतृत्व में पुलिस ने 30 से 35 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही बीटीएस और मोबाइल टावर डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया गया। पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल 70 से 80 संदिग्धों से भी पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने रमेश उर्फ पप्पूलाल वडेरा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया है। गौरतलब है कि घटना के बाद कोल्यारी सर्व समाज ने जल्द खुलासे की मांग की थी। वहीं करणी सेना जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह और मेवाड़ जनशक्ति दल के संस्थापक नरेश शर्मा ने 1 जून तक खुलासा नहीं होने पर महापड़ाव और थाने के घेराव की चेतावनी दी थी। अब पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

01 Jun 2026