
नीट पेपर लीक को लेकर पिछले एक महीने से सीजेपी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही थी और यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि देश के कई शहरों में इसके समर्थन में प्रदर्शन की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इस बड़े आंदोलन के दौरान समाजसेवी सोनम वांगचुक छात्रों के समर्थन में अनशन पर भी रहे थे और देश भर के युवाओं तथा आंदोलनकारियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग यही थी कि पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री अपने पद से त्यागपत्र दें। प्रदर्शन के 36वें दिन आखिरकार सरकार को इन मांगों के आगे झुकना पड़ा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंत्री ने खुद अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लेटर जारी करके अपने इस्तीफे की अधिकारिक जानकारी साझा की है, जिसके बाद से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। इस घटनाक्रम से साफ हो गया है कि लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन का बड़ा असर देखने को मिला है और अब आगे की राजनीतिक परिस्थितियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।