
भींडर क्षेत्र की वाणियातलाई ग्राम पंचायत के नारदा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में छात्र रोजाना की तरह अपनी कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज धमाके के साथ छत का प्लास्टर सीधे बच्चों पर आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से तीन मासूमों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि कुछ अन्य बच्चे भी मामूली रूप से चोटिल हो गए। गनीमत यह रही कि पूरी छत नहीं ढही, वरना झालावाड़ जैसा बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था। घटना के तुरंत बाद शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से घायल बच्चों को भींडर के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और मरहम-पट्टी के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल भवन लंबे समय से बदहाल और जर्जर स्थिति में है। कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नए भवन या मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।