
बैंक परिसर से सामने आई यह तस्वीरें दिव्यांगों के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की वास्तविकता को उजागर करती हैं। आरोप है कि उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर-4 स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा के मुख्य द्वार पर बना रैंप अत्यधिक ढाल वाला और मानकों के अनुरूप नहीं है। ऐसे में व्हीलचेयर और बैसाखी के सहारे चलने वाले लोगों के लिए बैंक तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है। बताया गया कि हाल ही में एक दिव्यांग महिला अपने जरूरी बैंकिंग कार्य के लिए शाखा पहुंची। रैंप की तीखी ढाल देखकर वह उस पर चढ़ने में असमर्थ रही। मजबूरी में महिला ने अपनी बैसाखियां हाथ में लीं और रेलिंग का सहारा लेते हुए घुटनों और हाथों के बल रेंगकर बैंक के भीतर प्रवेश किया। काम पूरा होने के बाद बाहर निकलते समय भी उसे इसी पीड़ादायक स्थिति का सामना करना पड़ा। घटना का एक और गंभीर पहलू यह भी बताया गया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्य द्वार पर मौजूद सुरक्षाकर्मी महिला की परेशानी देखता रहा, लेकिन उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया। इस घटना को लेकर दिव्यांग अधिकार संघर्ष मंच के सदस्य दिनेश जाटव ने विशेष योग्यजन आयुक्त, जयपुर को तस्वीरों के साथ शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक बैंक की लापरवाही नहीं बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। दिनेश जाटव ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का हवाला देते हुए मांग की है कि बैंक प्रबंधन के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, दिव्यांग समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए और शाखा में बने रैंप को तत्काल सुगम, सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाया जाए।
09 Jul 2026