
उदयपुर में डुप्लीकेट 'उपकार' नाम से बिक रहे थे मसाले:फर्जी तरीके से लिया गया FSSAI लाइसेंस निरस्त, CMHO ने की कार्रवाई उदयपुर में व्यापारी फर्जी लाइसेंस प्राप्त कर उपकार नाम से मसाले तैयार कर बेच रहा था। अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उदयपुर ने व्यापारी का FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड्स ऑन) लाइसेंस निरस्त कर दिया है।वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि साल 1972 से इसके मालिक कुतुबुद्दीन कनोड़वाला हैं, जिनके पास उपकार नाम से वैध लाइसेंस हैं। इनके नाम से फर्जी लाइसेंस लेकर व्यापारी मसाले बेच रहा था।व्यापारी ने विभाग को गुमराह करने की कोशिश की सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि व्यवसायी सेफुद्दीन जाकिर हुसैन कानोड़वाला ने लाइसेंस के लिए फर्जी दस्तावेज लगाकर विभाग को गुमराह करने की कोशिश की। अब इस कार्रवाई के बाद वह मसालों का किसी भी तरह कोई निर्माण या व्यापार नहीं कर सकता है। इसके बाद भी वह ऐसा करते पाया गया तो फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन के तहत इनकी फैक्ट्री सीज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मालिक बोले- मेरे नाम के डॉक्यूमेंट लगाकर लिया था लाइसेंस कुतुबुद्दीन कनोड़वाला ने बताया कि जेड ए कनोड़वाला नाम से फर्म मेरी है, जिसमें उपकार नाम से मिर्च-मसाले बनाए जाते हैं। सेफुद्दीन और बुरहानुद्दीन ने मिलकर जेड ए कनोड़वाला नाम से फर्जी फर्म खोल ली और सुखेर में फैक्ट्री लगा ली। स्वास्थ्य विभाग में फर्जी दस्तावेज लगाकर FSSAI लाइसेंस ले लिया। मुझे इसका पता लगा तो मैंने आरटीआई से स्वास्थ्य विभाग से इनके लाइसेंस संबंधी कागजात मांगे। आरटीआई से सूचना मिली तो वह देखकर मैं हैरान रह गया। फर्जी लाइसेंस में मेरे नाम से जुड़े डॉक्यूमेंट लगे थे। कई जगह मेरा नाम लिखा गया। जबकि इससे पहले एडीजे-1 कोर्ट में भी मैंने दावा किया था। तब मेरे पक्ष में फैसला आया था। इसके बावजूद सेफुद्दीन और बुरहानुद्दीन ने ये कारनामा किया।

05 Jun 2026